नयी दिल्ली: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में नौकरी करना लाखों युवाओं का सपना होता है। खासकर मेटा जैसी कंपनी में काम करना किसी उपलब्धि से कम नहीं माना जाता। लेकिन सिंगापुर के एल्विन टैन ने वह फैसला लिया, जिसके बारे में शायद ही कोई सोचता हो। उन्होंने मेटा में अपनी इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी और अब नूडल्स का स्टॉल चलाते हैं। एल्विन का कहना है कि उनकी कमाई पहले की तुलना में काफी कम हो गई है, लेकिन जो मानसिक शांति और संतुष्टि उन्हें अब मिल रही है, उसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। एल्विन इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक वायरल वीडियो में उन्हें नूडल्स बनाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो की शुरुआत इस कैप्शन से होती है “मेटा के सॉफ्टवेयर इंजीनियर से होक्कियन मी हॉकर तक।” होक्कियन मी सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया का एक लोकप्रिय नूडल्स व्यंजन है। वीडियो को फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर लुईसा टे ने बनाया, जिसमें एल्विन ने अपने करियर और जीवन से जुड़े कई अनुभव साझा किए। वीडियो में नौकरी छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए एल्विन ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का काम धीरे-धीरे उन्हें उबाऊ लगने लगा था। उनके मुताबिक, बड़ी कंपनियों की वास्तविकता अक्सर लोगों की उम्मीदों से अलग होती है। उन्होंने बताया कि टेक इंडस्ट्री में लगातार छंटनी और टीमों के पुनर्गठन का दौर चलता रहता है। उनकी अपनी टीम में भी कई बार बदलाव हुए, जिससे काम को लेकर उत्साह कम होने लगा।
एल्विन कहते हैं, “हर किसी का सपना होता है कि वह किसी बड़ी कंपनी में काम करे, लेकिन जब आप वहां पहुंच जाते हैं तो कई बार सोचते हैं कि जिंदगी में और क्या किया जा सकता है।” सोशल मीडिया पर एल्विन की कहानी को काफी सराहना मिल रही है। कई यूजर्स ने इसे प्रेरणादायक बताया है। एक यूजर ने लिखा कि यह कहानी बताती है कि खुशी सिर्फ बड़ी तनख्वाह में नहीं होती। वहीं, दूसरे यूजर ने एल्विन की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि अपने जुनून को जिंदा रखना ही असली सफलता है। एल्विन का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति अपने जुनून को करियर में बदलना चाहता है तो उसे डरकर पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में रास्ते हमेशा खुले रहते हैं और अगर एक काम सफल नहीं होता, तो दूसरे अवसर भी मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि काम के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यदि कभी स्वास्थ्य और काम के बीच चुनाव करना पड़े, तो व्यक्ति को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।







