
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में शादी के बाद प्रेमी से मिलने पहुंची युवती की दोबारा शादी परिवार वालों और ग्रामीणों ने करवा दी। पड़ताल में पता चला कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी। शादी के बाद युवती ससुराल की जगह मायके में रहती थी और अक्सर मायूस रहती थी। गुरुवार को अचानक युवती के परिजनों ने प्रेमी युगल को मिलते देख लिया। पूरी बात सामने आने के बाद मामला पंचायत तक पहुंचा। पंचों ने दोनों की भावनाओं को समझते हुए मंदिर में शादी करवाने का फैसला लिया। इसके बाद गांव के मंदिर में दोनों की धूमधाम से शादी करवाई गई। इस शादी की पूरे गांव में खूब चर्चा हो रही है। राधा और चंदन अब हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए हैं।
बरियारपुर निवासी चंदन और कांटी के नरसंडा की रहने वाली राधा लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों परिजनों के डर से चोरी-छिपे मिला करते थे। इसी बीच नियति ने करवट ली और करीब तीन साल पहले राधा की शादी किसी अन्य युवक से कर दी गई। हालांकि, राधा के दिल में चंदन बसा हुआ था, इसलिए वह उस रिश्ते में खुश नहीं रह सकी। करीब डेढ़ साल पहले वह उस रिश्ते को छोड़कर अपने मायके लौट आई थी। इस प्रेम कहानी में गुरुवार शाम को दिलचस्प मोड़ तब आया, जब दोनों एक स्थानीय होटल में बैठकर नाश्ता करते हुए बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान राधा के परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया और मामला गांव की पंचायत तक पहुंचा।
घंटों चली पंचायत में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ, बल्कि दोनों की भावनाओं को समझने की कोशिश की गई। पंचों और दोनों परिवारों ने जब दोनों की आंखों में एक-दूसरे के लिए सच्चा प्यार देखा तो उनका दिल पसीज गया। आखिरकार सभी ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी। पंचायत के फैसले के बाद कांटी स्थित मां जानकी मंदिर को शादी के लिए चुना गया। सैकड़ों ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में चंदन ने राधा की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी बनाया। पूरे गांव में इस शादी को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे सच्चे प्यार की मिसाल बता रहे हैं। गांव के लोग भी इस फैसले की सराहना कर रहे हैं कि पंचायत ने सामाजिक विवाद बढ़ाने के बजाय दो प्रेम करने वालों को एक कर दिया।






