नासिक : महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) की BPO यूनिट से जुड़ा विवाद अब और गहरा होता जा रहा है। महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच अब एक पुरुष कर्मचारी ने भी अपनी आपबीती साझा की है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पीड़ित कर्मचारी के अनुसार, कंपनी में शामिल होने के कुछ समय बाद ही उसके साथ मानसिक और धार्मिक उत्पीड़न शुरू हो गया। उसने आरोप लगाया कि उसके टीम लीडर और कुछ सहकर्मी उसकी निजी जिंदगी का मजाक उड़ाते थे। खासकर संतान न होने को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जाती थीं। एक आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि अगर मेडिकल इलाज के बाद भी बच्चा नहीं हो रहा है, तो वह अपनी पत्नी को उसके पास भेज दे—यह टिप्पणी पीड़ित के लिए बेहद अपमानजनक और आहत करने वाली थी।
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि उसे जबरन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। उसने आरोप लगाया कि 2023 की ईद के दौरान उसे एक आरोपी के घर ले जाकर टोपी पहनाई गई और जबरन नमाज़ पढ़ने को कहा गया। इतना ही नहीं, उसकी तस्वीरें लेकर ऑफिस ग्रुप में शेयर की गईं, जिससे उसे सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा होना पड़ा।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। पीड़ित के अनुसार, नाइट शिफ्ट के बाद उसे होटलों में ले जाया जाता था और कट्टर शाकाहारी होने के बावजूद उस पर मांसाहारी भोजन खाने का दबाव बनाया जाता था। इनकार करने पर उसके धार्मिक विश्वासों का मजाक उड़ाया जाता था।
विरोध करने पर स्थिति और बिगड़ गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस पूरे मामले में पुलिस ने कई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
यह मामला अब कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर व्यापक बहस का विषय बन गया है।







