सासाराम(रोहतास)। जिले के शिवसागर प्रखंड बम्होर स्थित परमार्थ इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन में शुक्रवार को इंडियन नॉलेज सिस्टम विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत हुई। संस्थान के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित उद्घाटन सत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया तथा नई पीढ़ी के लिए इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा हुई। सेमिनार में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से पहुंचे विद्वानों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से भारतीय ज्ञान परंपरा की व्याख्या प्रस्तुत की। प्रमुख वक्ताओं में प्रो. (डॉ.) अरविंद पांडेय (पूर्व डीन, काशी विद्यापीठ, वाराणसी), प्रो. (डॉ.) नितेश भोला (सरकारी डिग्री कॉलेज, वाराणसी), प्रो. (डॉ.) आलोक रंजन (मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर), डॉ. रजनीश कुमार (विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग), डॉ. सर्वेश तिवारी (गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चंदौली) एवं डॉ. बिरेंद्र पांडेय (पूर्व विभागाध्यक्ष, वीकेएसयू, आरा) शामिल रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) गिरिश्वर मिश्र (पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा) शामिल हुए। आयोजन को लेकर संस्थान में उत्साह का माहौल देखा गया। सेमिनार के संयोजक डॉ. राजेश कुमार सिंह (प्राचार्य), सह-संयोजक के रूप में नीरज नारायण राय एवं डॉ. बिरेंद्र कुमार पांडेय, संस्थान के चेयरमैन सुनील कुमार सिंह का अहम रोल दिखा।







