अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव के बावजूद सर्राफा बाजार में कमजोरी, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली बनी वजह अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत के सर्राफा बाजार पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। आमतौर पर युद्ध और भू-राजनीतिक अस्थिरता के समय सोना और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की कीमतों में तेजी देखी जाती है, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक निवेशक इस समय मुनाफावसूली की रणनीति अपना रहे हैं, जबकि डॉलर की मजबूती भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम सोना 4,245 रुपए टूटकर 1 लाख 47 हजार रुपए पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले बुधवार को यह 1 लाख 51 हजार रुपए के स्तर पर था। वहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
एक किलो चांदी 12,023 रुपए सस्ती होकर 2 लाख 28 हजार रुपए रह गई, जबकि 25 मार्च को इसका भाव 2 लाख 40 हजार रुपए था। अगर पिछले एक महीने के रुझान पर नजर डालें तो अमेरिकी-ईरान तनाव के दौरान सोना करीब 12,489 रुपए और चांदी 38,887 रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों की रणनीति में बदलाव आ रहा है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता है, तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।







