Home राष्ट्रीय महाकुंभ में भगदड़ से मचा हाहाकार, 17 की मौत, कई घायल

महाकुंभ में भगदड़ से मचा हाहाकार, 17 की मौत, कई घायल

77
0
Stampede in Maha Kumbh causes chaos

प्रयागराज: महाकुंभ में मंगलवार की रात भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 17 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. हादसा संगम तट के पास हुआ, जब अचानक भीड़ अनियंत्रित हो गई. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई.

कैसे हुआ हादसा?

GNSU Admission Open 2026

दरअसल मंगलवार देर रात संगम तट की ओर बढ़ रही भारी भीड़ पर अचानक नियंत्रण टूट गया. बैरिकेडिंग के पास लोगों को रोके जाने के कारण अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. कुछ श्रद्धालु बैरिकेडिंग पार करने लगे, जिससे हालात और बिगड़ गए. पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम तुरंत हरकत में आई और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम नोज की ओर जाने से बचें और अपने निकटतम घाट पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा, “मां गंगा के हर घाट पर स्नान संभव है, कृपया संगम तट की ओर न बढ़ें. व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.” आपको बता दें कि घटना के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने बताया कि सभी 13 अखाड़ों ने मौनी अमावस्या का स्नान न करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “आज की घटना बहुत दुखद है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हम अमृत स्नान स्थगित कर रहे हैं और बसंत पंचमी के दिन स्नान करेंगे.” बताते चलें कि घटना के बाद प्रशासन ने महाकुंभ में क्राउड डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है. शहर के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने के लिए प्रयागराज के बॉर्डर पर कड़े इंतजाम किए गए हैं. साथ ही 10 से अधिक जिलाधिकारियों को भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने महाकुंभ मेला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. उनका आरोप है कि संगम के पास भीड़ को अचानक रोक दिया गया, जिससे भगदड़ मच गई. श्रद्धालुओं का कहना है कि उचित क्राउड मैनेजमेंट होता तो यह हादसा टल सकता था. भोर से ही सभी वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने में लगे रहे. प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में घायलों का इलाज जरी है. सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

GNSU Admission Open 2026

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!