नयी दिल्ली: आंध्र प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान All India Institute of Medical Sciences (एम्स) मंगलगिरी के हॉस्टल में अचानक फैली गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों में उल्टी और डायरिया के लक्षणों के कारण कम से कम 25 छात्र और स्टाफ सदस्य बीमार पड़ गए हैं। घटना Mangalagiri स्थित एम्स परिसर के हॉस्टल में सामने आई, जिसके बाद संस्थान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
जानकारी के मुताबिक शुरुआत में कुछ छात्रों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की थी। धीरे-धीरे बीमार लोगों की संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई, जिनमें ज्यादातर छात्र शामिल हैं। सभी प्रभावित लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा दी गई और उन्हें निगरानी में रखा गया। कई मरीजों को एहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
प्राथमिक जांच में दूषित पानी को बीमारी की संभावित वजह माना जा रहा है। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने हॉस्टल की पानी सप्लाई व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी है। जल भंडारण टैंकों, पाइपलाइन और विभिन्न वितरण बिंदुओं से करीब 40 पानी के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। इन नमूनों की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं पानी में बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं हैं।
संस्थान प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए हॉस्टल में अस्थायी रूप से पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है और छात्रों के लिए सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों को सैनिटाइज करने और स्वच्छता मानकों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के असली कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें आवश्यक इलाज दिया जा रहा है।







