नयी दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने फिल्म और मीडिया की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। केरल दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्म, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल कई बार एक “हथियार” की तरह किया जा रहा है। उनका यह बयान उस समय आया है जब फिल्म The Kerala Story के दूसरे भाग को लेकर चर्चा चल रही है और इसकी दर्शक संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि समाज में नफरत और गलत धारणाएं फैलाने के लिए कई बार मनोरंजन माध्यमों का उपयोग किया जाता है। उनका मानना है कि फिल्मों और मीडिया का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और समाज की सच्चाई दिखाना होना चाहिए, न कि किसी खास एजेंडे को बढ़ावा देना। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब ज्यादा जागरूक हो रही है और वह समझती है कि किस तरह की सामग्री तथ्यात्मक है और किसका उद्देश्य केवल प्रचार करना है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया और फिल्म उद्योग की बड़ी जिम्मेदारी होती है। अगर इनका इस्तेमाल किसी समुदाय या राज्य की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाने के लिए किया जाता है, तो इससे समाज में विभाजन पैदा हो सकता है। राहुल गांधी के मुताबिक, भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारा है, इसलिए किसी भी माध्यम से नफरत फैलाने की कोशिश देश के हित में नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान उस बहस के बीच आया है, जिसमें फिल्मों और मीडिया कंटेंट के जरिए राजनीतिक और सामाजिक नैरेटिव बनाने की चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, फिल्म के समर्थकों का कहना है कि सिनेमा एक रचनात्मक अभिव्यक्ति है और फिल्मकारों को अपनी कहानी कहने का अधिकार है। इस बीच, राहुल गांधी के बयान के बाद फिल्म, मीडिया और राजनीति के रिश्ते को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।







