गुवाहाटी: असम में भारतीय वायुसेना के एक उन्नत लड़ाकू विमान Sukhoi-30MKI के दुर्घटनाग्रस्त होने से बड़ा हादसा हो गया। यह विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था और गुरुवार शाम को Jorhat Air Force Station से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया था। बाद में पता चला कि विमान असम के Karbi Anglong जिले के पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान का संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया और वह रडार से भी गायब हो गया। इसके बाद तुरंत बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। वायुसेना की टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों की मदद से रात भर तलाश अभियान चलाया गया।
एक रक्षा अधिकारी के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान शुक्रवार तड़के करीब एक बजे दुर्घटनास्थल का पता लगाया गया। घटनास्थल जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित है, जहां पहुंचना काफी मुश्किल था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत और बचाव दल ने वहां पहुंचकर विमान का मलबा बरामद किया।
भारतीय वायुसेना ने इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य किसी कारण की भूमिका रही या नहीं।
Indian Air Force के लिए Sukhoi-30MKI एक अत्याधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमान माना जाता है। इस दुर्घटना को वायुसेना के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। देश ने इस हादसे में अपने दो जांबाज पायलटों को खो दिया, जिनकी वीरता और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।







