पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने बृहस्पतिवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। राज्यपाल के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्षी दलों ने इस पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए केंद्र की सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ अनुचित व्यवहार को दर्शाता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का कदम उठाया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले Jagdeep Dhankhar को भी जुलाई 2025 में उपराष्ट्रपति पद से अचानक हटाया गया था और अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया गया है।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि अब R. N. Ravi को पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है। रमेश के अनुसार, रवि पहले नगालैंड और तमिलनाडु में भी विवादों में रहे हैं और उनकी कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठे थे। उन्होंने आशंका जताई कि पश्चिम बंगाल में उनकी नियुक्ति से राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।
राज्यपाल के इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि इस अचानक घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। चुनाव से पहले हुए इस बड़े बदलाव को राजनीतिक विश्लेषक भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







