Home राष्ट्रीय उपराष्ट्रपति ने त्रिशूर में ‘गणाश्रमम’ की आधारशिला रखी

उपराष्ट्रपति ने त्रिशूर में ‘गणाश्रमम’ की आधारशिला रखी

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Vice President lays foundation stone for 'Ganashramam' in Thrissur

त्रिशूर। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने त्रिशूर से लगभग सात किलोमीटर दूर नदाथरा में ‘गणाश्रमम्’ नामक संगीत-आधारित ध्यान आश्रम का शिलान्यास किया। यह पहल ‘गायक पुजारी’ के नाम से प्रसिद्ध फादर पॉल पूवाथिंगल की परिकल्पना है। ‘गणाश्रमम्’ का उद्देश्य एक ऐसा शांत वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां संगीत को ध्यान और आंतरिक उपचार के माध्यम के रूप में अपनाया जाएगा। फादर पूवाथिंगल ने बताया कि यह आश्रम आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में तनाव और दबाव से जूझ रहे लोगों को राहत प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा, “गणाश्रमम् कई लोगों के लिए तनावमुक्त होने, सांसारिक प्रतिस्पर्धा से अलग होने और ऑडियो-विजुअल ध्यान में डूबने का आश्रय स्थल बनेगा।” उपराष्ट्रपति ने इस पहल की सराहना करते हुए फादर पूवाथिंगल के संगीत क्षेत्र में योगदान और ध्वनि के आध्यात्मिक तथा चिकित्सीय आयामों को समर्पित आश्रम स्थापित करने के प्रयासों की प्रशंसा की। यह कार्यक्रम देवमाता स्कूल परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदु तथा त्रिशूर की महापौर निजी जस्टिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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फादर पूवाथिंगल वोकॉलॉजी को एक संरचित शैक्षणिक अनुशासन के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य कलाकारों और पेशेवरों को अपना स्वर-स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि जहां स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट स्वर संबंधी विकारों का उपचार करते हैं, वहीं वोकॉलॉजी लंबे समय तक स्वर की गुणवत्ता को बनाए रखने और संरक्षित करने पर केंद्रित है।

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