नयी दिल्ली: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर हालिया रुख ने मोदी सरकार की ‘हग्लोमेसी’ की वास्तविकता उजागर कर दी है। रमेश ने कहा कि अफगानिस्तान में संघर्ष के दौरान ट्रंप का पाकिस्तान के प्रति स्पष्ट और खुला समर्थन भारत की विदेश नीति के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में एकतरफा झुकाव दिखाया, जिसमें भारत ने अमेरिकी किसानों से आयात करने का वादा किया, जबकि अमेरिका ने केवल अस्पष्ट रियायतें दीं।
रमेश ने यह भी बताया कि समझौते के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर मॉड्यूल पर 125.87 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया, जिससे समझौते की गंभीरता और नाकाफी प्रभाव सामने आया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अंतरिम समझौते में भारत द्वारा विभिन्न अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क को कम या समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया था, जबकि अमेरिका ने भारत से निर्यात बढ़ाने के लिए केवल सीमित और अस्पष्ट प्रतिबद्धताएं दी।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री पुरस्कार भले ही प्राप्त कर लें, लेकिन दुनिया, खासकर अमेरिका, अब ‘स्वघोषित विश्वगुरु’ की असली स्थिति को जान चुकी है। उनका कहना था कि यह भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आर्थिक समझौतों पर विश्वास को प्रभावित करता है।
यह विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हस्तक्षेप पर विचार करने और पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ अपने अच्छे संबंधों पर जोर देने के बाद सामने आया। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं और उन्होंने वहां के नेताओं का सम्मान किया। इसके साथ ही काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ा है, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।
इस घटना से भारत की विदेश नीति और अमेरिका के साथ आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों पर गंभीर सवाल उठे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की ‘हग्लोमेसी’ की विफलता के रूप में पेश किया है।







