नयी दिल्ली: बेंगलुरु से काठमांडो जाने वाले यात्रियों ने एअर इंडिया एक्सप्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों ने एयरलाइन पर कुप्रबंधन और सही जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।
एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता के अनुसार, 26 और 27 फरवरी को बेंगलुरु से काठमांडो जाने वाली उड़ानों को वहां खराब मौसम और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण डायवर्ट करना पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को वापस लाने के लिए 28 फरवरी को एक अतिरिक्त रिकवरी फ्लाइट चलाई गई थी, लेकिन उसे भी मौसम की वजह से काठमांडो में उतरने की अनुमति नहीं मिली और डायवर्ट करना पड़ा। अब यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 1 मार्च को एक और विशेष उड़ान की योजना बनाई गई है।
हालांकि, यात्रियों का कहना है कि उन्हें इस दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक यात्री ने बताया कि गुरुवार सुबह 10:30 बजे उड़ान भरने के बाद विमान काठमांडो में लैंड नहीं कर सका और वापस लौट आया। अगले दिन फिर से उड़ान भरने के बावजूद विमान को लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया, जहां यात्रियों को कई घंटों तक विमान के अंदर ही बैठे रहना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनकी चिंता और नाराजगी बढ़ गई।
बेंगलुरु लौटने के बाद नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट के इमिग्रेशन क्षेत्र के पास धरना दिया और एयरलाइन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे यात्रियों का दावा है कि उन्हें कुल मिलाकर 30 घंटे से अधिक समय तक विमान के भीतर इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं।
एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और जल्द से जल्द उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। वहीं, यात्री मुआवजे और बेहतर प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।







