
रोहतास। वर्ष 2024 में दक्षिण बिहार में हुई एक हृदयविदारक घटना, जिसमें बिजली विभाग के एक कर्मी की मौके पर ही मौत हो गई थी, ने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। उस समय सबसे बड़ा सवाल यह था कि पीड़ित परिवार का गुजारा कैसे होगा? अब इस दिशा में बिजली विभाग ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग द्वारा ऐसी कई योजनाएं लाई जा रही हैं जिनका उद्देश्य फील्ड में काम करने वाले हर छोटे-बड़े कर्मचारी को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। हर श्रेणी के कर्मी को मिलेगा लाभ बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AE) के अनुसार, अब सुरक्षा का यह दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमित कर्मचारी,
मानव बल मीटर रीडरमुआवजा और आर्थिक सहायता की घोषणा शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनकी जान जाती है, तो उनके परिजनों को पूरी तरह से उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए कागजी प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
जागरूकता अभियान की शुरुआत सिर्फ योजनाएं लाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कर्मियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। सुरक्षा उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। दुर्घटना की स्थिति में क्लेम कैसे किया जाए, इसकी पूरी जानकारी दी जा रही है। “हमारा लक्ष्य है कि फील्ड में काम करने वाले हमारे जांबाज कर्मचारियों को यह अहसास हो कि विभाग उनके और उनके परिवार के साथ खड़ा है। किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिजनों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।”






