Some people have come wearing robes to destroy Sanatan Dharma: Shankaracharya

वाराणसी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज में मुकदमा दर्ज होने के बाद सोमवार को उनका बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए कुछ लोग चोला पहनकर आ गए हैं। समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। जो कहानी गढ़ी गई है, वह पूरी तरह झूठ है। पुलिस की जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। ढोंग और पाखंड का अंत एक दिन अवश्य होगा।”

शंकराचार्य ने आगे कहा, “मेरी ओर से पुलिस को पूरा सहयोग रहेगा। यदि फिर भी गिरफ्तारी होती है, तो इसका मतलब है कि कालनेमी – शंकराचार्य का अपमान करना चाह रहा है। मेरे लिए तीन कोर्ट हैं। पहली निचली कोर्ट जनता है, जो सब देख और जान रही है। दूसरा मिडिल कोर्ट यानी हाई कोर्ट है, जो मेरा हृदय है,मैं जानता हूँ सत्य क्या है। और तीसरा सुप्रीम कोर्ट यानी ईश्वर, जो सब कुछ जान रहा है और न्याय अवश्य होगा।”

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उन्होने स्पष्ट किया, “हम उनके सारे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार बैठे हैं। वे चाहें तो मठ आकर प्रश्नोत्तर कर सकते हैं, नहीं तो कहीं ले जाकर करना चाहें तो वह भी कर सकते हैं। जो हिस्ट्रीशीटर हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं। गो माता की रक्षा को लेकर जो संकल्प लिया गया था, उसमें बाधा डालने के लिए कुछ राक्षसी प्रवृत्ति के लोग सामने आ गए हैं।”