
पटना। महज 25 वर्ष की उम्र में बिहार विधानसभा की सदस्य बनने वाली सुप्रसिद्ध भजन और लोकगीत गायिका मैथिली ठाकुर अपने मुखर सवालों से सदन में अलग पहचान बना रही हैं।
सुश्री ठाकुर सदन की कार्रवाई के दौरान अपनी शहद सी मीठी आवाज में अल्पसूचित, तारांकित सवालों को पूछने के साथ शून्यकाल में क्षेत्र की समस्याओं को बखूबी उठाती दिख रही हैं। इतना ही नही पिछले दिनों जब उन्होंने अर्जुन के वृक्ष के औषधीय महत्व और उसके व्यावसायिक विकास पर सदन का ध्यान आकर्षित किया तो स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय भी उनकी तारीफ करने लगे।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान फुर्सत के क्षणों में सुश्री ठाकुर से जब यूनीवार्ता ने संगीत और राजनीति के बीच तालमेल के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अब भी वह रियाज के लिए वक्त निकाल लेती हैं और राजनीति के साथ संगीत की साधना अनवरत चल रही है। सुश्री ठाकुर ने कहा कि राजनीति में उनका प्रवेश आकस्मिक नही है। उन्होनें कहा कि वह इसके लिए मन बना कर आई हैं और लोगों की समस्याओं को सदन में उठाने तथा समाज सेवा में उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है। विधायक सुश्री ठाकुर ने कहा कि जब भी वह क्षेत्र में रहती हैं, हजारों की संख्या में लोग अपनी समस्याओं को ले कर आते हैं।
उन्होंने कहा कि शुरू में वह खुद ही लोगों की समस्याएं सुन रही थीं, लेकिन बढ़ती संख्या और लोगों को उचित सम्मान देने के लिए उन्होंने दस लोगों की एक टीम बना दी है, जो लोगों से मिलती है, उन्हें सुनती है और जरूरी समस्याओं की सूची बना कर उन्हें सौंपती है। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं आम जरूरतों से संबंधित होती हैं, उन्हें वह बेहिचक सदन के पटल पर रखती हैं। उल्लेखनीय है कि महज ग्यारह वर्ष की उम्र में देश के एक बड़े रियलिटी शो में गायक के रूप में अपनी छाप छोड़ने वाली मैथिली की पहचान को प्रसिद्धि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय श्रीराम और मां सबरी पर गाये उनके गीत से मिली। इस गीत को सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी उनके मुरीद हो गए। श्री मोदी की निगाह पड़ जाने के बाद गायकी के साथ उनके लिए राजनीति के द्वार भी खुल गए। उल्लेखनीय है कि बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2025 में विधायक बनने वाली सुश्री ठाकुर अपनी राजनीति और गायन के बीच सामंजस्य बनाकर चल रही है।






