रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन आज शुक्रवार को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में वर्ष 2025-26 के लिए छह हजार 450 करोड रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया। अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 790 करोड़ रुपए महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए आवंटित किया गया है, जबकि 658 करोड पंचायती राज विभाग और 594 करोड रुपए से अथिक की राशि ग्रामीण विकास विभाग के लिए आवंटित की गई है। गृह विभाग के लिए 232 करोड़, वन एवं पर्यावरण विभाग के लिए 176 करोड़ और खान एवं भूतत्व विभाग के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। तृतीय अनुपूरक बजट में राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के लिए 24 करोड़ 50 लाख और स्कूली साक्षरता विभाग को 23 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि दी गई है। इससे पहले सदन में प्रश्नोत्तर काल की कार्रवाई शुरू होने पर जेकेएलएम विधायक जयराम कुमार महतो ने प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने बताया कि राज्य के 16 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों या विदेशों में आजीविका की तलाश में गए हैं, लेकिन उनमें से पंजीकृत मजदूरों की संख्या काफी कम है। इस प्रश्न के जवाब में श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बताया कि श्रमाधान पोर्टल के अनुसार राज्य में निबंधित मजदूरों की संख्या 2 लाख 19 हजार 169 है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों में झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास स्थान तक लाने के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष बनाया गया है। इसके तहत 50 हजार रुपए तक की राशि का उपलब्ध कराने प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके शव को उनके पैतृक आवास तक ले जाने के लिए तत्परता पूर्वक कार्रवाई की जाती है। पार्थिव शरीर को ट्रेन या प्लेन के माध्यम से वापस लाने की व्यवस्था की जाती है। ऐसे मामलों में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को सूचना मिलने पर त्वरित गति से कार्रवाई की जाती है। श्रम मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रवासी मजदूर श्रमादान पोर्टल पर अपना निबंधन निशुल्क करा सकते हैं। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष रांची के डोरंडा में संचालित है। इस संस्थान की ओर से प्रवासी मजदूरों के विदेश और अन्य राज्यों में काम के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के संबंध में सहायता को लेकर कार्रवाई की जाती है।
विधायक चंद्रदेव महतो की एक अन्य सवाल के जवाब में श्रम मंत्री ने बताया कि अंतर राज्य प्रवासी श्रमिकों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास तक ले जाने के लिए 2 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि खर्च की गई। जिसके तहत 148 श्रमिकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास तक पहुंचाया गया। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। दुर्घटना की स्थिति में सात प्रवासी मजदूरों को पांच लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई। श्री महतो सदन से अनुपस्थित थे और अपनी जगह पर अरूप चटर्जी को सवाल उठाने के लिए अधिकृत किया था। भाजपा विधायक सीपी सिंह के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में आयुष चिकित्सा को की नियुक्ति को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गई है। आयोग से बातचीत भी हुई है। मार्च महीने के पहले सप्ताह में आयोग की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दिए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सकों के 78 पद, आयुर्वेदिक चिकित्सकों के 207 और होम्योपैथिक चिकित्सकों के 137 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजी गई है। इसके अलावा तृतीय श्रेणी में रिक्त पदों को भरने के लिए भी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जल्द ही होम्योपैथिक यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की जाएगी।







