
नयी दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर हंगामे की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बेरोजगारी और कथित नीतिगत फैसलों को लेकर अपना विरोध जताया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही।
इस प्रदर्शन का बचाव करते हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह विरोध देश के बेरोजगार युवाओं की निराशा और गुस्से का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक और व्यापार नीतियां युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के हितों के खिलाफ हैं। चिब ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और उनकी पार्टी युवाओं की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता राहुल गांधी के सिपाही हैं और किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन फैसलों से देश के युवाओं और किसानों को नुकसान हो सकता है। उनका कहना था कि सरकार को युवाओं के रोजगार और भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना कानून का उल्लंघन है और इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने AI समिट के दौरान राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया और बेरोजगारी तथा सरकारी नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।






