नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘मानव’ (MANAV) दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि यह भविष्य की तकनीकी प्रगति को नैतिक और समावेशी दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मॉडल है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से ठोस कदम उठा रहा है और राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मानव-केंद्रित एआई’ की अवधारणा प्रस्तुत की थी। इस दृष्टिकोण में नैतिकता, जवाबदेही, राष्ट्रीय संप्रभुता, समावेशिता और वैधता को एआई विकास के प्रमुख स्तंभ बताया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मॉडल केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने और जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देने का माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विजन से प्रेरित होकर लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी विकसित की जा रही है, जो नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी विकास का प्रमुख केंद्र बनेगी। इसके अलावा उन्नाव में देश का पहला एआई-समर्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत 10 लाख से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही एआई आधारित समाधान राज्य के 10 लाख से अधिक किसान परिवारों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भारत के सुरक्षित, आत्मनिर्भर और मानव-केंद्रित एआई भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







