नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ की सराहना करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण और सफल पहल बताया है। बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में थरूर ने कहा कि शिखर सम्मेलन के शुरुआती दिन बेहद सकारात्मक रहे और इसमें दुनिया भर के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं की भागीदारी प्रभावशाली रही। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ छोटी-मोटी तकनीकी या व्यवस्थागत गड़बड़ियां होना सामान्य बात है और इसे कार्यक्रम की सफलता पर सवाल उठाने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
थरूर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस शिखर सम्मेलन को ‘‘अव्यवस्थित प्रचार कार्यक्रम’’ बताते हुए इसकी आलोचना की थी। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि कार्यक्रम में विदेशी, विशेष रूप से चीनी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। हालांकि थरूर ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना और कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में भविष्य की दिशा तय करना होता है।
अपनी नई पुस्तक के विमोचन के दौरान थरूर ने कहा कि उन्हें अभी तक व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में शामिल होने का अवसर नहीं मिला है, लेकिन वह अगले दिन वहां पहुंचकर अपना संबोधन देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगा।
इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर टिप्पणी करते हुए थरूर ने कहा कि फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदे में भारत में कुछ हिस्सों का निर्माण होना देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को तकनीक और रक्षा दोनों क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ना चाहिए।







