सिक्किम : रविवार, 15 फरवरी की सुबह भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में धरती कई बार कांपी, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, देश में कुल चार भूकंप के झटके दर्ज किए गए, जिनमें तीन सिक्किम और एक त्रिपुरा में महसूस किया गया। सिक्किम के नामची में सुबह 5:26 बजे और फिर 6:58 बजे 2.4 तीव्रता के दो झटके दर्ज किए गए, जबकि मंगन क्षेत्र में सुबह 5:10 बजे 2.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसके अलावा त्रिपुरा के गोमती जिले में सुबह 6:38 बजे 2.6 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। इन भूकंपों का केंद्र जमीन से लगभग 5 से 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जो अपेक्षाकृत उथला माना जाता है, लेकिन कम तीव्रता होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
भारत के अलावा दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी आज भूकंप की गतिविधियां दर्ज की गईं। अफगानिस्तान में सुबह 4:28 बजे 4.3 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जबकि म्यांमार में तड़के दो बार 3.2 तीव्रता के भूकंप आए। इसके साथ ही अमेरिका के ओक्लाहोमा, इंडोनेशिया के जावा द्वीप, चिली और पुर्तगाल के अजोरेस द्वीप समूह में भी हल्के भूकंप दर्ज किए गए। Euro-Mediterranean Seismological Centre के अनुसार, पुर्तगाल क्षेत्र में आए भूकंप की तीव्रता 2.6 मापी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज आए झटके हल्के स्तर के थे और इससे जनजीवन पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, भूकंप हमेशा संभावित खतरे का संकेत देते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जो भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील हैं। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल भूकंपों से भारी आर्थिक नुकसान होता है और हजारों लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में वैज्ञानिक लगातार निगरानी और सतर्कता पर जोर दे रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी आपदा के जोखिम को कम किया जा सके।







