श्रीनगर। पुलवामा हमले की सातवीं बरसी पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को कहा कि बल देश भर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। श्री सिंह ने सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन के वरीय अधिकारियों के साथ मिलकर 2019 में आज ही के दिन शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी, जब जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक स्थानीय आत्मघाती हमलावर ने लेथपोरा में सीआरपीएफ काफिले की बस में विस्फोटकों से भरी गाड़ी घुसा दी थी, जिसमें 40 जवान मारे गये थे। पुलवामा हमले ने भारत और पाकिस्तान को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया था। लेथपोरा पुलवामा में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद श्री सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि सीआरपीएफ और उसका परिवार कल्याण संगठन शहीदों के परिवारों की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि हर परिवार को सवा दो से तीन करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गयी है। 19 परिवारों को घर दिये गये हैं और स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर अन्य को जमीन दी गयी है। शहीदों के बच्चों को पढ़ाई और अनुकंपा के आधार पर नौकरी देकर मदद की जा रही है।
डीजी ने कहा कि बल ने परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियां बताने और सीआरपीएफ वेलफेयर डायरेक्टरेट से जुड़े रहने में मदद करने के लिए “ब्रेव फैमिली ऐप” लॉन्च किया है। उन्होंने आगे कहा कि संगठन बाद के अभियानों में मारे गये जवानों के परिवारों के साथ करीबी संपर्क में है और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “सीआरपीएफ की तरफ से मैं सभी परिवारों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम हमेशा उनके साथ हैं।” लेथपोरा में हुए समारोह में शहीदों के सम्मान में माल्यार्पण परेड, सेरेमोनियल गार्ड सैल्यूट, बिगुल बजाना और एक मिनट का मौन रखा गया। हर साल की परंपरा के मुताबिक श्रद्धांजलि के तौर पर सीआरपीएफ ने रक्तदान शिविर लगाया, जिसमें अधिकारियों और जवानों ने श्रीनगर के एएमएचएस अस्पताल को 100 यूनिट से अघिक रक्तदान किया। इस बीच, J&K के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 2019 के ब्लास्ट में जान गंवाने वाले CRPF जवानों को श्रद्धांजलि दी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “2019 में पुलवामा में हुए भयानक आतंकवादी हमले के दौरान ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि के लिए उनका अटूट समर्पण, बेमिसाल बहादुरी और निस्वार्थ सेवा हमेशा हर नागरिक को प्रेरित करेगी।”







