PM Modi's last cabinet meeting in PMO tomorrow, after this new political history will be created

नयी दिल्ली: करीब पाँच दशकों से अधिक समय तक देश के नीतिगत और रणनीतिक निर्णयों का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक से अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) नए निर्मित ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित होने जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साउथ ब्लॉक में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसके साथ ही इस ऐतिहासिक इमारत में उच्चस्तरीय बैठकों का एक लंबा दौर समाप्त हो जाएगा। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी नए परिसर की ओर प्रस्थान करेंगे।

रायसीना हिल से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर विकसित ‘सेवा तीर्थ’ को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) का कार्यालय और ‘इंडिया हाउस’ भी स्थापित किया गया है। ‘इंडिया हाउस’ को विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी और उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं के लिए डिजाइन किया गया है।

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ऐतिहासिक रूप से साउथ ब्लॉक स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक यात्रा का प्रमुख साक्षी रहा है। 1931 में निर्मित इस इमारत में ही देश की पहली कैबिनेट बैठक पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में हुई थी। वर्षों तक रक्षा और विदेश मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग यहीं से संचालित होते रहे। 1947 में ‘प्रधानमंत्री सचिवालय’ के रूप में शुरू हुआ यह ढांचा 1977 में औपचारिक रूप से ‘प्रधानमंत्री कार्यालय’ बना और समय के साथ इसकी भूमिका और प्रभाव में उल्लेखनीय विस्तार हुआ।

अब रक्षा और विदेश मंत्रालय भी चरणबद्ध तरीके से अन्य भवनों में स्थानांतरित होंगे। नॉर्थ ब्लॉक पहले ही खाली किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के रूप में विकसित हो रहा नया परिसर प्रशासनिक समन्वय, सुरक्षा और तकनीकी दक्षता को नई गति देगा। यह बदलाव केवल दफ्तर का स्थानांतरण नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।