नयी दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें बच्चों जैसा व्यवहार न करने की चेतावनी दी। यह टिप्पणी पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर संसद में उठे विवाद के बीच आई। रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना और किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां संसद की गरिमा और देश की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं।
रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि वे राहुल गांधी को सबक नहीं सिखा सकते और यह समझना कठिन है कि वे किस दुनिया में रहते हैं और उनकी सोच को क्या प्रेरित करती है। मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों को राहुल गांधी को समझाना चाहिए कि संसद में इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां सच थीं और वे डर के साए में नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा में और संसद के बाहर कही गई बातें स्पष्ट और सटीक हैं और पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह कायम है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने संसद में जनरल नरवणे की पुस्तक का हवाला देते हुए चीन के साथ 2020 के गतिरोध पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पुस्तक ऑनलाइन उपलब्ध है। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे खंडित किया और स्पष्ट किया कि किसी पुस्तक को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह सभी खुदरा चैनलों पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो। प्रकाशक ने यह भी बताया कि प्री-ऑर्डर सूचीकरण एक मानक प्रक्रिया है, जो पाठकों और खुदरा विक्रेताओं को अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देता है, और इसका मतलब यह नहीं कि पुस्तक पहले से ही प्रकाशित या बिक्री के लिए उपलब्ध है।
इस प्रकार संसद में सुरक्षा, राजनीतिक बयानबाजी और प्रकाशन प्रक्रिया के मुद्दे ने राजनीतिक हलकों में जोरदार बहस छेड़ दी है।







