नयी दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुस्तक के कथित तौर पर आधिकारिक प्रकाशन से पहले लीक होने के मामले में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को समन भेजा है। पुलिस ने प्रकाशन प्रक्रिया, पांडुलिपि के प्रबंधन और प्री-ऑर्डर से जुड़ी जानकारी को लेकर कई सवाल पूछे हैं और प्रकाशक के प्रतिनिधियों को जांच में सहयोग के लिए बुलाया है।
यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब 2020 के गलवान घाटी संघर्ष से जुड़े अंश सार्वजनिक चर्चा में आए। आरोप है कि किताब के कुछ हिस्से औपचारिक रिलीज से पहले ही बाहर आ गए, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल उठे। इसी आधार पर विशेष प्रकोष्ठ ने पहले ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पुस्तक “उपलब्ध” है। इसके जवाब में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। प्रकाशक ने कहा कि किसी पुस्तक की घोषणा, उसका प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होना और वास्तविक प्रकाशन—तीनों अलग-अलग चरण हैं। उनके मुताबिक, प्री-ऑर्डर लिस्टिंग केवल एक सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे पाठक अग्रिम बुकिंग कर सकते हैं; इसका अर्थ यह नहीं कि पुस्तक बाजार में आ चुकी है।
प्रकाशन गृह ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रकाशन तिथि केवल नियोजित समयरेखा को दर्शाती है। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि कथित लीक कैसे हुआ। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।







