
एंटरटेनमेंट डेस्क: हॉलीवुड अभिनेत्री क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका में रहकर वे पूरी आज़ादी से काम नहीं कर पा रही हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल पर भी तीखा तंज कसा और इशारों-इशारों में अमेरिका छोड़ने की इच्छा जाहिर की।
क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने कहा कि एक कलाकार के लिए रचनात्मक स्वतंत्रता सबसे अहम होती है, लेकिन राजनीतिक माहौल और सामाजिक दबाव के चलते यह आज़ादी लगातार सिमटती जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि ट्रंप शासन के दौरान अमेरिका में विचारधाराओं को लेकर जो विभाजन और असहिष्णुता बढ़ी, उसका असर कला और कलाकारों पर भी पड़ा। अभिनेत्री के मुताबिक, कई बार ऐसा महसूस होता है कि खुलकर अपनी राय रखने या अलग सोच के साथ काम करने पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं।
स्टीवर्ट ने यह भी कहा कि वे ऐसे माहौल में काम करना चाहती हैं, जहां डर या जजमेंट के बिना अपनी रचनात्मकता को पूरी तरह व्यक्त कर सकें। इसी वजह से वे अमेरिका के बाहर काम करने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर सवाल है, जो कलाकारों की आज़ादी को सीमित करता है।
गौरतलब है कि क्रिस्टिन स्टीवर्ट पहले भी सामाजिक मुद्दों, LGBTQ+ अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर मुखर रही हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे जरूरत से ज्यादा राजनीतिक प्रतिक्रिया बता रहे हैं।
क्रिस्टिन स्टीवर्ट का यह बयान सिर्फ एक अभिनेत्री की निजी राय नहीं, बल्कि उस चिंता को भी दर्शाता है, जो आज कई कलाकार और रचनात्मक लोग महसूस कर रहे हैं। यह मुद्दा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या दुनिया के सबसे ताकतवर देश में भी कलाकार खुद को पूरी तरह आज़ाद महसूस कर पा रहे हैं या नहीं।






