
नयी दिल्ली: शेयर बाजार में लगातार तीन दिन की तेजी के बाद गुरुवार को अचानक ब्रेक लग गया। घरेलू इक्विटी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स 450 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी कमजोर होकर अहम स्तरों से नीचे फिसल गया। बाजार की इस गिरावट की अगुवाई मेटल और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने की, जहां निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 450 अंकों से अधिक गिरकर 72,800 के आसपास पहुंच गया, वहीं एनएसई निफ्टी करीब 150 अंकों की गिरावट के साथ 22,050 के स्तर के पास कारोबार करता नजर आया। बीते तीन सत्रों में आई तेजी के बाद निवेशक सतर्क दिखे और ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करते नजर आए।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मेटल और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंदाल्को और वेदांता जैसे मेटल स्टॉक्स में 2 से 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज, सिप्ला और ल्यूपिन जैसे फार्मा शेयर भी लाल निशान में रहे। विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से बिकवाली का दबाव भी बाजार की गिरावट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
हालांकि, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में सीमित खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की गिरावट कुछ हद तक थमी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को तकनीकी सुधार के तौर पर देखा जाना चाहिए। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचते हुए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।






