
अररिया: अररिया जिले के पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में कोचिंग संचालक अमित कुमार अमन को दोषी ठहराते हुए कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ कुल 90 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि शिक्षा के नाम पर बच्चों के भरोसे के साथ किया गया अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अदालत के अनुसार, यह घटना 7 जुलाई 2023 की है, जब आरोपी ने पीड़िता को आधार कार्ड में सुधार कराने का बहाना बनाकर रानीगंज ले जाने की साजिश रची। वहां उसने अपने एक मित्र के किराए के मकान में छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने कोचिंग संचालक होने के नाते पीड़िता के विश्वास का घोर दुरुपयोग किया, जिसे अदालत ने अपराध को और गंभीर बनाने वाला पहलू माना।
इस मामले का खुलासा पीड़िता की हिम्मत से हुआ। पीड़िता ने खुद महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कांड संख्या 28/2023 दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष पॉक्सो वाद संख्या 7/2024 के तहत मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 67 और 67(ए) के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास और कुल 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
कोर्ट ने पीड़िता को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत 3 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है, ताकि उसके पुनर्वास और भविष्य की सहायता हो सके। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्याम लाल यादव ने मजबूत पैरवी की। फैसले के बाद आरोपी को तुरंत जेल भेज दिया गया।






