स्पोर्ट्स डेस्क: भारत को 2007 में पहला टी20 विश्व कप जिताने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भरोसा है कि टीम इंडिया आगामी टी20 विश्व कप में अपने खिताब का सफल बचाव कर सकती है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जतिन सप्रू से बातचीत के दौरान धोनी ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम को टूर्नामेंट की सबसे संतुलित और मजबूत टीम बताया। उन्होंने कहा कि खिताब बचाने के लिए जिस तरह की टीम चाहिए, वह भारत के पास पूरी तरह मौजूद है।
धोनी के अनुसार, मौजूदा भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत खिलाड़ियों का अनुभव और उनकी भूमिका की स्पष्टता है। उन्होंने कहा कि टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में दबाव की स्थिति बार-बार आती है, जहां अनुभवी खिलाड़ी ही टीम को संभाल पाते हैं। भारत के ज्यादातर खिलाड़ी लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहे हैं और कठिन परिस्थितियों से गुजर चुके हैं, जिससे टीम को मानसिक बढ़त मिलती है।
हालांकि, भरोसे के साथ धोनी ने एक अहम चेतावनी भी दी। उन्होंने ओस (ड्यू) को टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा अनिश्चित फैक्टर बताया। धोनी ने कहा कि ओस मैच का पूरा रुख बदल सकती है और ऐसे में टॉस बेहद अहम हो जाता है। उनके मुताबिक, ओस के कारण गेंदबाजों और फील्डिंग करने वाली टीम को काफी नुकसान झेलना पड़ता है।
धोनी ने यह भी कहा कि अगर परिस्थितियां न्यूट्रल रहीं, तो भारत दुनिया की किसी भी टीम के खिलाफ ज्यादातर मुकाबले जीत सकता है। हालांकि, उन्होंने माना कि टी20 क्रिकेट में किसी एक खिलाड़ी का खराब दिन और विपक्षी खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन मैच का परिणाम बदल सकता है, खासकर नॉकआउट मुकाबलों में।
आंकड़े भी धोनी के भरोसे को मजबूती देते हैं। 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने 32 में से 27 मैच जीते हैं और आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-एक बना हुआ है। 2026 टी20 विश्व कप में भारत मेजबान और डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा, जहां उसके पास इतिहास रचने और खिताब बचाने का सुनहरा मौका होगा।







