नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नोएडा के सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शोकाकुल परिवार अपने परिजन के शव को खुद कपड़े में लपेटने को मजबूर है, जबकि पोस्टमार्टम हाउस का कोई कर्मचारी उनकी मदद करता नजर नहीं आ रहा।
परिजनों का आरोप है कि शवगृह के कर्मचारियों ने शव को ढकने के लिए कपड़ा देने से इनकार कर दिया और मदद करने के बदले पैसे मांगे। जब परिवार ने कथित तौर पर पैसे देने से मना किया, तो उन्हें शव को बिना किसी सहायता के स्वयं कपड़े में लपेटने के लिए छोड़ दिया गया। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि वहां न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही किसी तरह की संवेदनशीलता दिखाई गई।
सूत्रों के अनुसार, मृतक की पहचान चिपियाना गांव के निवासी रचित के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर आत्महत्या की थी। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने की प्रक्रिया के दौरान यह घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ परिजनों को मानसिक पीड़ा दी, बल्कि प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए शवगृह के नोडल अधिकारी को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और मानवीय व्यवहार की कमी को उजागर करती है, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।







