ओडिशा : ईस्ट कोस्ट रेलवे की एक गंभीर लापरवाही रविवार को उस समय सामने आई, जब संबलपुर से नांदेड़ जाने वाली संबलपुर–नांदेड़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित आरक्षित कोच BE2 के बिना ही रवाना हो गई। इस घटना के कारण प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। तकनीकी खराबी के चलते एसी थ्री-टियर का यह कोच ट्रेन में जोड़ा नहीं जा सका, लेकिन इसके बावजूद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब ट्रेन संबलपुर स्टेशन पर पहुंची, तो BE2 कोच में टिकट बुक कराने वाले 57 यात्री अपना डिब्बा नहीं ढूंढ पाए। कई यात्रियों को शुरुआत में यह समझ ही नहीं आया कि उनका कोच ट्रेन में मौजूद नहीं है। यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई और रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
घटना की पुष्टि करते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे ने बयान जारी किया। रेलवे ने बताया कि तकनीकी कारणों से आरक्षित कोच BE2 को ट्रेन संख्या 20809 में नहीं जोड़ा जा सका था। रेलवे के अनुसार, ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) ने प्रभावित यात्रियों को अन्य कोचों में उपलब्ध खाली बर्थ पर अस्थायी रूप से जगह दी, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा न हो।
हालांकि, यात्रियों की परेशानी तब जाकर पूरी तरह खत्म हुई जब ट्रेन विशाखापत्तनम जंक्शन पहुंची। वहां रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अतिरिक्त एसी कोच ट्रेन में जोड़ दिया। इसके बाद BE2 के सभी यात्रियों को उनकी निर्धारित सीटें आवंटित की गईं और यात्रा सामान्य रूप से आगे बढ़ सकी।
इस घटना ने रेलवे की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि तकनीकी खामी की जानकारी पहले ही दी जानी चाहिए थी, ताकि वे मानसिक तनाव और अव्यवस्था से बच सकें। रेलवे प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया है।







