जहानाबाद: जहानाबाद जिले में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने छठी बार पीड़िता के गांव पतीयांवां पहुंचकर गहन पूछताछ की। पटना की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) डॉ. अनु भारती के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने छात्रा के माता-पिता और अन्य परिजनों से घटना और जीवन से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। विशेष तौर पर टीम ने घटना वाले दिन की गतिविधियों, छात्रा की दिनचर्या, मोबाइल फोन के इस्तेमाल, संपर्क में आए लोगों और हाल के दिनों में उसके व्यवहार में आए बदलाव के बारे में सवाल किए।
सूत्रों के अनुसार, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं छात्रा किसी मानसिक दबाव में तो नहीं थी या किसी व्यक्ति द्वारा उसे परेशान किया जा रहा था। इसके तहत उसके दोस्तों, सहपाठियों और परिचितों की सूची भी जुटाई गई। टीम ने यह भी देखा कि घटना से पहले छात्रा ने किसी को कोई संकेत या परेशानी बताई थी या नहीं।
जांच में तकनीकी पहलुओं पर भी जोर दिया जा रहा है। मृतका के कपड़ों से मिले संदिग्ध साक्ष्यों की डीएनए जांच के दायरे को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। संभावित संदिग्धों की पहचान कर उनके नमूनों से मिलान पर भी विचार किया जा रहा है।
करीब दो घंटे तक चली पूछताछ के बाद SIT की टीम गांव से लौट गई, लेकिन सूत्रों का कहना है कि टीम ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है। टीम जिले के विभिन्न इलाकों में संदिग्धों की तलाश और छापेमारी भी कर रही है। हाल ही में हॉस्टल संचालक मनीष रंजन के घर भी पूछताछ की गई, जहां महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला संवेदनशील होने के कारण जांच में जल्दबाजी नहीं की जा रही। हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सख्त सजा मिले और किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए। परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए है और प्रशासन का दावा है कि जांच जल्द पूरी कर सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी।







