नयी दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक विजय चौक पर गुरुवार शाम *बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के अवसर पर चार दिनों तक चले राष्ट्रीय कार्यक्रमों का औपचारिक समापन हो गया। इस गरिमामय समारोह मेंराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। बीटिंग द रिट्रीट समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य परंपराओं का प्रतीक है, जिसमें गणतंत्र दिवस के बाद सेनाएं औपचारिक रूप से अपनी गतिविधियों को विराम देती हैं।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति के आगमन के साथ हुई, जिनका तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने स्वागत किया। इसके बाद मास्ड बैंड्स ने देशभक्ति से ओतप्रोत धुनें प्रस्तुत कीं, जिन पर दर्शक भाव-विभोर नजर आए। इस अवसर पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बैंड्स ने एक साथ प्रस्तुति दी। ‘सारे जहां से अच्छा’, ‘अबाइड विद मी’ और अन्य पारंपरिक सैन्य धुनों ने विजय चौक को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। जैसे-जैसे सूर्य अस्त हुआ, रश्मि और संगीत के अद्भुत संगम ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान की धुन के साथ बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी संपन्न हुई।
बीटिंग द रिट्रीट समारोह के साथ ही 26 जनवरी को शुरू हुए गणतंत्र दिवस समारोहों का समापन हुआ। इन चार दिनों के दौरान राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ कार्यक्रम, परेड, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद रहे। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी ने एक बार फिर देश की सैन्य परंपराओं, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का संदेश पूरे देश को दिया।







