बंगलूरू: कर्नाटक में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब होसानगर से बंगलूरू जा रही एक निजी बस में अचानक भीषण आग लग गई। घटना के समय बस में कुल 36 यात्री सवार थे। आग लगते ही बस में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी की जान नहीं गई। हालांकि, भगदड़ और जल्दबाजी में बस से उतरते समय दस यात्री मामूली रूप से झुलस गए और घायल हो गए।
घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सामान्य गति से अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी अचानक इंजन के पास से धुआं निकलता दिखाई दिया। ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए बिना देर किए बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को तुरंत नीचे उतरने के लिए कहा। यात्रियों के उतरते ही आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। देखते-देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
पुलिस ने बस मालिक और ड्राइवर से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहन की मेंटेनेंस में कोई लापरवाही तो नहीं हुई थी। यात्रियों ने ड्राइवर की सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि अगर समय पर बस नहीं रोकी जाती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।







