Home बिहार दानापुर-बिहटा कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर विकास को नई दिशा देगा: परियोजना निदेशक

दानापुर-बिहटा कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर विकास को नई दिशा देगा: परियोजना निदेशक

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Danapur-Bihta Koilwar Elevated Corridor will give a new direction to development: Project Director

पटना। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के यातायात और विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। परियोजना निदेशक ने आज संवाददाताओं को बताया कि इस कॉरिडोर परियोजना से राज्य की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ राजधानी पटना में आम नागरिकों के दैनिक जीवन को भी सुगम बनाएगी।

श्री सिंह ने कहा कि बिहार की राजधानी पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही यातायात समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से मार्च 2024 में शुरू की गई इस परियोजना से पटना से बिहटा पहुंचने का समय कम और रास्ता सुगम हो जाएगा। उन्होनें बताया कि बिहटा से बक्सर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है और इस एलिवेटेड सड़क के निर्माण के बाद पटना से बक्सर जाने की समय अवधि तीन घन्टे से घट कर दो घन्टे हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पटना से बिहटा हवाई अड्डा और वहां बने इंजीनियरिंग कॉलेज में पहुंचना भी सुगम हो जायेगा।

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उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश या पश्चिमी राज्यों से आने वाले यात्रियों को इस मार्ग से आना बहुत आसान हो जायेगा। निदेशक ने बताया कि इस परियोजना के आरंभ से पहले इस मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव, बार-बार लगने वाले जाम और अनियमित यात्रा समय लोगों को काफी परेशानी होती है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों, व्यपारियो और परिवहन से जुड़े लोगों को रोज़ाना लंबी समय अवधि की यात्रा और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों के एक ही मार्ग पर गमन की स्थिति में यात्रा और जटिल हो जाती थी।

इन समस्याओं का सीधा असर न केवल लोगों की दिनचर्या पर पड़ता था, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और विकास की गति भी प्रभावित होती थी। श्री सिंह ने बताया कि लगभग 25 किलोमीटर लंबी इस योजना की लागत 1969 करोड़ तय की गई थी, लेकिन वास्तविक लागत 2350 करोड़ रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसंरचना है। इसके माध्यम से पटना और पश्चिमी बिहार के बीच यातायात को अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध बनाया जा रहा है।

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