नयी दिल्ली। भारत और यूरोप के 27 देशों के साझा बाज़ार यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सहमति हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया के लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील्स यानि अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, की यह समझौता ब्रिटेन के साथ और यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ एफ्टा के साथ हुए समझौते के पूरक के रूप में कार्य करेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने इसके लिये देश के सभी नौजवानों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा और चमड़े के सामान जैसे अनेक क्षेत्रों के लिए यह समझौता बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए से न सिर्फ देश के विनिर्माण क्षेत्र को बल मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि ईयू भारत का एक प्रमुख व्यापारिक और आर्थिक भागीदार है। साल 2024-2025 में दोनों के बीच 136 अरब डॉलर के सामान का व्यापार हुआ था। भारत वहां से मुख्य रूप से मशीनें, परिवहन उपकरण और रसायनों का आयात करता है, जबकि भारत की ओर से वहां मशीनें, रसायन, लोहा, एल्मुनियम और तांबा जैसी प्राथमिक धातुएं, खनिज उत्पाद तथा कपड़ा और चमड़े के सामान आदि का निर्यात होता है। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस समय भारत में हैं। दोनों सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे।
सुश्री वॉन डेर लेयेन ने पिछले दिनों दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति का संकेत देते हुए कहा था कि यह समझौता मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता) होगा। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से भारत और ईयू की दो अरब की सम्मिलित आबादी का एक बड़ा और उदार बाज़ार तैयार होगा। इस समझौते के ब्यौरे की घोषणा आज शाम पीयूष गोयल करेंगे।







