नयी दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रोकने का श्रेय लेने के दावे ने भारत में सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया और सवाल उठाया कि जब ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ही मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रुकवाया, तब प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पीएम की चुप्पी पर कटाक्ष किया और लिखा कि ट्रंप ने अब तक यह दावा 70 बार दोहराया है। रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री के ‘अच्छे मित्र’, जिनसे कई बार जबरन गले मिला गया है, ने इतनी बार घोषणा की कि वह 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक रुकने के लिए जिम्मेदार थे।”
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया कि उन्होंने पिछले 10 महीनों में आठ युद्धों को समाप्त कराया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच का सैन्य तनाव भी शामिल था। उनके अनुसार, इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे और उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने पहले भी कई बार यह दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को व्यापार समझौते के जरिए टाला।
विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के इस “तथ्यहीन” दावे पर चुप रहकर देश के सैन्य स्वाभिमान से समझौता कर रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री खुद सामने आएं और स्पष्ट करें कि क्या वाकई अमेरिका ने भारत पर किसी तरह का दबाव बनाया था और किस तरह से ऑपरेशन सिंदूर को रोका गया।
दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि भारत-पाक सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय भारतीय सेना और पाकिस्तान के सैन्य महानिदेशकों के बीच संपर्क के बाद लिया गया था, न कि किसी अमेरिकी दावे के आधार पर। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक बहस तेज हो गई है, और देश में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर चर्चा का माहौल बन गया है।







