बहराइच: बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी 10 अवैध मजारों को सोमवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करा दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जिससे इलाके में शांति व्यवस्था बनी रही। प्रशासन के अनुसार इन मजारों को करीब 24 साल पहले ही अवैध घोषित कर दिया गया था, लेकिन विभिन्न अपीलों और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण मामला लंबे समय तक लंबित रहा।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज से सटे रसूल शाह बासवाड़ी अस्ताने में पहले केवल दो मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में विधिवत दर्ज हैं। बाद के वर्षों में वहां देखरेख करने वाले लोगों ने करीब 10 नई छोटी मजारें बना दीं। वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने जांच के बाद इन अतिरिक्त मजारों को अवैध बताते हुए इन्हें हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ संबंधित कमेटी ने पहले जिलाधिकारी और फिर मंडलायुक्त के यहां अपील की, लेकिन 2004 और 2019 में दोनों स्तरों से अपील खारिज कर दी गई।
प्रशासन का कहना है कि वर्ष 2023 में मेडिकल कॉलेज के विस्तार के बाद ये अवैध मजारें संस्थान के परिसर के भीतर आ गई थीं, जिससे संचालन में दिक्कतें हो रही थीं। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के अनुसार 10 जनवरी 2026 को संबंधित पक्ष को नोटिस देकर 17 जनवरी तक मजारें स्वयं हटाने का समय दिया गया था। तय समय में कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।
सोमवार को भारी पुलिस बल तैनात कर बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड में दर्ज दो वैध मजारों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।







