रायबरेली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को कमजोर किए जाने के विरोध में बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इसी कड़ी में वे अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां ‘मनरेगा बचाओ’ मिशन के तहत जनसंवाद और संगठनात्मक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। राहुल गांधी लखनऊ से सड़क मार्ग द्वारा रायबरेली पहुंचेंगे और भुएमऊ गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।
दौरे के पहले दिन 20 जनवरी को राहुल गांधी रोहनिया, ऊंचाहार में ‘एमजीएनआरईजीए चौपाल’ के जरिए ग्रामीणों, मजदूरों और स्थानीय प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे। इसके अलावा वे आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में यूथ स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित प्रीमियर लीग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे। इसी दिन सांसद निधि (MPLADS) से होने वाले विकास कार्यों की भी शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी नगर निगम अध्यक्ष के आवास पर भी मुलाकात करेंगे।
दूसरे दिन कांग्रेस नेता भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठक करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में लाया गया विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को खत्म करने की साजिश है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि इसके विरोध में उत्तर प्रदेश में 30 महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीन चरणों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है। दूसरे चरण के तहत 30 जनवरी तक हर ग्राम पंचायत में चौपाल, नुक्कड़ सभाएं और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, 30 जनवरी को शहीद दिवस पर मनरेगा मजदूरों के साथ वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना भी दिया जाएगा।
कांग्रेस का यह अभियान ग्रामीण रोजगार, मजदूरों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के सवाल को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है।







