वर्ल्ड डेस्क: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। खामेनेई ने ट्रंप को “अपराधी” बताते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़राइल से जुड़े तत्वों ने ईरान को अस्थिर करने की संगठित साजिश रची। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई भारी हिंसा और जान-माल के नुकसान के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की मौत कोई आंतरिक घटना नहीं, बल्कि बाहरी हस्तक्षेप का नतीजा है।
वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान को अब नए नेतृत्व की जरूरत है और खामेनेई का शासन भय और दमन पर टिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ अभूतपूर्व हिंसा का इस्तेमाल कर रही है, जिससे देश पूरी तरह बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल प्रयोग की पुष्टि होती है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों में अब तक 3,766 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 24,348 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मृतकों का आंकड़ा 3,308 बताया गया था। यह संख्या ईरान के पिछले सभी आंदोलनों की तुलना में कहीं अधिक है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और ईरानी सरकार ने भी आधिकारिक रूप से सटीक संख्या जारी नहीं की है।
प्रदर्शन 28 दिसंबर से तेहरान की खराब अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई के विरोध में शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए। ईरान लगातार अमेरिका और इज़राइल पर अशांति भड़काने का आरोप लगा रहा है, जबकि वाशिंगटन इसे ईरानी जनता की स्वतंत्र आवाज बता रहा है। बढ़ते तनाव के बीच मध्य-पूर्व में टकराव की आशंका गहराती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान की आगामी रणनीति पर टिकी है।







