
मुंबई: महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनाव परिणामों के दौरान शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, झड़पों और तनाव की घटनाएं सामने आईं। मतगणना के बीच राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद कई जगहों पर पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। सबसे गंभीर घटना मुंबई के वार्ड नंबर 146 में हुई, जहां वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवार सतीश राजगुरु पर शिवसेना समर्थकों ने हमला कर दिया। आरोप है कि राजगुरु की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
छत्रपति संभाजीनगर में मतगणना केंद्र के बाहर भारी हंगामा हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें पूर्व महापौर और शिवसेना नेता विकास जैन समेत कई लोग घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट मौके पर पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई अस्वीकार्य है।
ठाणे में भी स्थिति तनावपूर्ण रही। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में शिवसेना और एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। मनपाड़ा मतगणना केंद्र के पास उत्तेजित भीड़ ने ईवीएम ले जा रही बसों को रोकने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति संभाल ली।
अमरावती के सूत गिरनी केंद्र पर दो गुटों में टकराव हुआ, जबकि नागपुरी गेट इलाके में AIMIM उम्मीदवार के घर के बाहर NCP समर्थकों ने नारेबाजी कर माहौल गरमा दिया। नवी मुंबई के नेरुल क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं पर शिवसेना नेता के कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगा, जिसके बाद कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। चुनावी नतीजों के बीच हुई इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






