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ईरान पर शिकंजे की तैयारी, लड़ाकू विमानों के साथ अमेरिका ने दिखाई ताकत

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America demonstrates its strength with fighter jets, preparing to tighten its grip on Iran

अंतरराष्ट्रीय: अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जहां अब तक 280 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शनों और दमन के कारण कोहराम मचा हुआ है और करीब ढाई हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच अमेरिकी पेंटागन ने युगांतरकारी सैन्य कदम उठाते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक बेड़े को ईरान की ओर भेजने का आदेश दिया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर चिंताएं बढ़ गई हैं।

यूएसएस अब्राहम लिंकन यूएस नेवी का एक निम्मित्स-क्लास सुपर कैरियर है, जिसका वजन 1,44,300 टन से अधिक है और यह लगभग 1100 फीट लंबा विशाल युद्धपोत है। यह जहाज परमाणु ऊर्जा से संचालित होता है, जिससे इसे समुंदर में लंबी अवधि तक बिना किसी ईंधन भरवाए संचालन की क्षमता मिलती है। पेंटागन की इस तैनाती का उद्देश्य ईरान के खिलाफ दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है, हालांकि अमेरिका ने प्रत्यक्ष युद्ध की घोषणा नहीं की है।

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इस विमानवाहक बेड़े की क्षमता इस बात से समझी जा सकती है कि यह एक साथ 90 से अधिक वेस्टिंगहाउस A4W न्यूक्लियर रिएक्टरों द्वारा संचालित एफ-35 सी समग्र लड़ाकू विमानों और हेलीकाप्टरों को तैनात कर सकता है। एफ-35 सी दुनिया का सबसे उन्नत स्टील्थ फाइटर जेट है, जो दुश्मन रडारों में लगभग अदृश्य रहकर गुप्त मिशन और सटीक हमले कर सकता है। एक साथ 90 ऐसे उन्नत विमानों का संचालन खुद में एक बड़ी सामरिक ताकत दर्शाता है, क्योंकि कई देशों की वायुसेना में भी इतनी संख्या में आधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी है।

पेंटागन के इस कदम ने क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक संतुलन को झकझोर दिया है और संयुक्त राज्य अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कूटनीति द्वारा समाधान नहीं निकला गया तो यह तैनाती आगे और गंभीर सैन्य मछलियों को आकर्षित कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है, ताकि व्यापक संघर्ष और विनाश से बचा जा सके।

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