पटना: लालू यादव के करीबी अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने वाली है। बिहार के बाद तेज प्रताप यादव दोनों राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली को भी बख्शने के मूड में तेज प्रताप नहीं हैं। दरअसल, बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी को राष्ट्रीय फलक पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने एक बड़ा रणनीतिक खुलासा किया। तेज प्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी अब उन सभी राज्यों में चुनाव लड़ेगी जहां आगामी समय में मतदान होने हैं।
राजद (RJD) से अलग होकर नई राह चुनने वाले तेज प्रताप के इस कदम को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और पार्टी के अखिल भारतीय विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। वे अब बिहार की सीमाओं को लांघकर अन्य राज्यों में अपनी पैठ जमाने की कोशिश में हैं। तेज प्रताप यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति साझा की है। उन्होंने घोषणा की है कि JJD आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी। उनका मानना है कि पार्टी के विस्तार के लिए इन प्रमुख राज्यों में चुनाव लड़ना जरूरी है। विधानसभा चुनावों के अलावा, तेज प्रताप ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राजनीति में भी रुचि दिखाई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले नगर निगम (MCD) चुनावों में उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ ताल ठोकेगी। तेज प्रताप यादव ने जोर देकर कहा कि जहां-जहां चुनाव होंगे, JJD वहां पहुंचकर अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराएगी। अपने पिता लालू यादव की पार्टी आरजेडी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल का गठन किया। हालांकि, वो चुनाव रिजल्ट में जीरो पर आउट हो गए साथ ही खुद भी चुनाव हार गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 21 सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ी थी। पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन तेज प्रताप इससे हतोत्साहित नहीं हैं। वे अब हार से सबक लेते हुए अपनी पार्टी की नई पहचान बनाने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर संगठित करने के मिशन में जुट गए हैं।







