पटना: बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली कुनबे यानी लालू परिवार के लिए साल 2026 का आगाज नई उम्मीदों के साथ हुआ है। आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित और परिवार से दूर चल रहे तेज प्रताप यादव सात महीने के लंबे अंतराल के बाद अचानक अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने पहुंचे। मौका था राबड़ी देवी के जन्मदिन का, जिसे मनाने के लिए तेज प्रताप उनके आवास पहुंचे। उन्होंने केक काटकर मां का जन्मदिन मनाया। राबड़ी आवासा पर हुई यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब तेज प्रताप यादव पार्टी और परिवार से अलग-थलग हैं। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है कि क्या तेज प्रताप यादव की परिवार और RJD में वापसी का रास्ता खुल रहा है।
तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को घर और पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद से तेज प्रताप सार्वजनिक रूप से कई बार कह चुके हैं कि वे दोबारा RJD में नहीं लौटेंगे। एक इंटरव्यू में उन्होंने यहां तक कहा था कि ‘मैं मर जाना पसंद करूंगा, लेकिन RJD में वापस नहीं जाऊंगा।’ इसके बावजूद राबड़ी देवी से यह मुलाकात संकेत देती है कि पारिवारिक स्तर पर बर्फ पिघल सकती है। वरिष्ठ पत्रकार मनीष कुमार भारती का मानना है कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता। उनके अनुसार, तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव दोनों को एक-दूसरे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव चुनाव में न सिर्फ खुद हार गए, बल्कि उनकी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका। वहीं तेजस्वी यादव के नेतृत्व में भी RJD को चुनावी हार का सामना करना पड़ा।
ऐसे में अगर तेजस्वी, तेज प्रताप को पार्टी में वापस लाते हैं, तो इससे उनकी राजनीतिक छवि मजबूत हो सकती है और यादव वोट बैंक के बिखरने से भी बचाव होगा। तेज प्रताप यादव के पास फिलहाल न तो तेजस्वी जैसा मजबूत जनाधार है और न ही कोई राज्य स्तरीय संगठन। 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ने 44 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। खुद तेज प्रताप यादव को भी हार का सामना करना पड़ा। पॉलिटिकल एनालिस्ट त्रिलोकी नाथ दुबे के मुताबिक, चुनावी नतीजे साफ बताते हैं कि परिवार से अलग रहकर तेज प्रताप यादव के लिए स्वतंत्र राजनीतिक आधार बनाना बेहद कठिन है। RJD का कैडर काफी हद तक परिवार-केंद्रित है। ऐसे में परिवार से दूरी बनाए रखने पर संगठन का समर्थन मिलना मुश्किल है। राबड़ी आवास में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक पारिवारिक घटना है या फिर RJD की राजनीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत, इसका जवाब आने वाले दिनों में तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के अगले कदम तय करेंगे।







