पटना: बिहार अब सिर्फ इतिहास और संस्कृति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि फिल्म निर्माण के लिए भी एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। राज्य में फिल्म शूटिंग की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और आकर्षक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बिहार स्टेट फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बीएसएफडीसी) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। यूं समझिए कि अब बिहार की लोकेशनों पर भी धुरंधर जैसी फिल्म बनाई जा सकती है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में इस वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 2026 को डिजिटाइजेशन के वर्ष के रूप में देख रही है।
सरकारी प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़कर निवेशकों और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत किया जा रहा है। बीएसएफडीसी की यह वेबसाइट फिल्म निर्माण से जुड़े हर व्यक्ति के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी। यहां बिहार की प्रमुख और संभावनाओं से भरी शूटिंग लोकेशनों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। ऐतिहासिक इमारतें, प्राकृतिक स्थल, शहरी और ग्रामीण परिवेश—हर लोकेशन को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। खास बात यह है कि कई लोकेशनों का अनुभव अब वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से भी किया जा सकेगा, जिससे फिल्ममेकर्स बिना ज़मीन पर आए ही शूटिंग स्थल का वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि वेबसाइट पर बिहार के कलाकारों का विस्तृत प्रोफाइल भी उपलब्ध कराया गया है।
इसके साथ ही फिल्म निर्माण से जुड़ी सामग्री और सेवाएं उपलब्ध कराने वाले निजी क्षेत्र के लोग भी इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर सकते हैं। इससे न सिर्फ कलाकारों और तकनीकी पेशेवरों को नए अवसर मिलेंगे, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा। यह पहल बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। वेबसाइट के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रक्रियाएं सरल होंगी और फिल्ममेकर्स को बिहार में काम करने के लिए एक अनुकूल माहौल मिलेगा। उनके साथ वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल भी थी। इस मौके पर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, सांस्कृतिक कार्य निदेशक रूबी, पुरातत्व निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार के अलावा फिल्म निगम के अधिकारी तथा कला एवं संस्कृति विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सामान्य प्रशासन विभाग के महानिदेशक एवं मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने किया।







