पटना: बिहार में लगातार तीन चार दिनों से ठंड का असर बढ़ गया है। उसके बाद प्रदेश के कई जिलों में पांचवी कक्षा तक के स्कूल को बंद कर दिया गया है। ठंड के असर से हर कोई परेशान है। हर किसी का हाल बेहाल है। पूरे दिन सूर्य देवता नहीं दिख रहे हैं। उनके दर्शन के लिए लोग तरस रहे हैं। तीन दिन से हर किसी की आंखें पथरा गई हैं। वातावरण में ठंड है और हवाएं भी ठंडी नहीं, बल्कि बर्फीली बह रही है। शीतलहर को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने स्कूल के संचालन पर रोक लगा दिया है। निजी सरकारी और आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों पर रोक लगा दिया गया है। बर्फीली हवाओं से कनकनी भी बढ़ गई है। लोग जैसे ही घर से बाहर निकल रहे हैं, उन्हें सर्द हवाओं का पूरा एहसास होने के साथ ही कनकनी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों और रिक्शा चालकों को हो रही है। दिहाड़ी मजदूर और ठेला चलाने वाले परेशान हैं। शीतलहर की वजह से सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। चौक चौराहों और मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद कर दिया है। लोग विशेष जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। अन्यथा गर्म कपड़े पहन कर बेड पर रह रहे हैं। इधर, सुबह में और शाम होते ही घने कोहरे से सड़कों पर आवागमन कठिन होता चला जा रहा है। काफी परेशानी से लोग सवारी से सफर कर रहे हैं।
इस बीच, डीएम रिची पांडेय ने ठंड के चलते स्कूलों को बंद करने का आदेश देकर नौनिहालों को बड़ी ही राहत दी है। जारी आदेश में डीएम पांडेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत जिला के सभी निजी/सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं कोचिंग संस्थानों सहित) में 12 वीं कक्षा तक सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर 24 दिसंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि डीएम के उक्त आदेश से प्री-बोर्ड/बोर्ड की परीक्षा हेतु संचालित विशेष कक्षाओं/परीक्षाओं का संचालन मुक्त रखा गया है। उधर, घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से सभी ट्रेनें लेट से सीतामढ़ी जंक्शन पर पहुंच रही है। इससे यात्रियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सारण जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ठंड को देखते हुए स्कूल संचालन पर रोक लगा दिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 10 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 23 दिसंबर, 2025 तक बंद करने का निर्देश जारी किया गया है। यह रोक 21 दिसंबर तक था, लेकिन ठंड को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया है। हालांकि, जिलाधिकारी की ओर से 10वीं के ऊप के कक्षा की पढ़ाई 10 बजे से लेकर शाम साढ़े चार बजे तक उचित देखरेख के बीच जारी रहेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक कार्य होंगे। बच्चों को गर्म खाना दिया जाएगा। उधर, मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएम सुब्रत सेन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सभी निजी और सरकारी स्कूलों, प्री स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में परिवर्तन कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक किसी भी क्लास की शैक्षणिक गतिविधि को सुबह 10 बजे से पहले संचालित नहीं किया जाएगा। कोचिंग हो या कोई भी संस्था, साढ़े तीन के बाद संचालित नहीं होगी। ठंड और शीतलहर को लेकर जिला प्रशासन की ओर से ये फैसला लिया गया है। बिहार के अररिया जिले में लगातार गिर रहे पारा और तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कक्षा पांच तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थआनों को 24 दिसंबर तक बंद करने का आदेश दिया है। कक्षा पांच से ऊपर की पढ़ाई सुबह के 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक जारी रहेगी। आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12 बजे से खुलेंगे। बच्चों को गर्म खाना दिया जाएगा। उसके अलावा नौ प्रखंडों में 48 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था का आदेश दिया है। कंबल वितरण भी जारी है। बांका जिले में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने स्कूलों के संचालन को लेकर आदेश जारी किया है। उनके आदेश के मुताबिक अब जिले में स्कूलों के संचालन का समय बदल दिया गया है। आदेश के मुताबिक 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद किसी भी प्रकार की कक्षा नहीं चलेगी। ये आदेश सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा। कोचिंग संस्थान भी नहीं खुलेंगे।
उसके अलावा परीक्षा से जुड़े शेड्यूल्ड यथावत रहेंगे, उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। गयाजी जिला प्रशासन ने शीतलहर को देखते हुए कक्षा पांच तक के स्कूलों को 24 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। उच्च कक्षा के लिए समय निर्धारित कर दिया गया है। गया जिले में जारी भीषण ठंड को देखते हुए, जिला मजिस्ट्रेट शशांक शुभांकर ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, जिनमें प्री-स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और निजी कोचिंग संस्थान शामिल हैं, में कक्षा पांच तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश बुधवार तक प्रभावी रहेगा। डीएम ने अपने आदेश में कहा, “गया जिले में लगातार जारी भीषण ठंड और कम तापमान, विशेषकर सुबह और शाम के समय, के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। कक्षा VI और उससे ऊपर की कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ जारी रहेंगी। बोर्ड परीक्षाओं के लिए आयोजित विशेष कक्षाएं इससे मुक्त रहेंगी।” बिहार के मधुबनी जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा की ओर से स्कूल को बंद रखने का आदेस दिाय गया है। ये आदेश 25 दिसंबर तक प्रभारी रहेगा। उसके अलावा निजी, सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। जिले में तापमान 11 डिग्री तक पहुंच गया है। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम और ठंड की स्थिति को देखते हुए आगे फिर से निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे शीतलहर के दौरान सतर्क रहें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बिहार के गोपालगंज जिले में बढ़ती कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 24 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, यह आदेश प्रारंभिक कक्षाओं से लेकर उच्च विद्यालयों तक पर प्रभावी रहेगा, ताकि छोटे बच्चों को ठंड के प्रकोप से बचाया जा सके। प्रशासन ने सभी स्कूलों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।







