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विजय सिन्हा का अफसरों से अजीब सवाल: लैपटॉप पानी पर चलेगा या घर पर भी?

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Vijay Sinha's strange question to the officers: Will the laptop run on water or even at home?

पटना: ” लैपटॉप पानी पर चलेगा या घर पर भी चल सकता है?” बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने यह तीखा कटाक्ष राजस्व विभाग के कमचोर कर्मचारियों, एडीएम और डीएसएलआर पर किया। विभाग के कई कर्मचारी बाढ़ और पानी का बहाना बनाकर काम नहीं करते हैं। विजय कुमार सिन्हा ने पटना के ज्ञान भवन में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान राज्य के सभी 537 अंचल अधिकारियों को अल्टीमेटम दे दिया। अधिकारियों कर्मचारियों से संवाद के दौरान राजस्व संबधी कामों के न होने की शिकायतों पर विजय सिन्हा नाराज हो गए। उनसे एक कर्मचारी ने कहा कि बाढ़ के कारण काम नहीं हो पाया है। इस पर सिन्हा ने कहा- ”लगता है बाढ़ के कारण सिर्फ आपका विभाग प्रभावित हुआ।

प्रभावित तो सारे विभागों को होना चाहिए था।” कर्मचारी ने कहा, ”प्रखंड और अंचल दोनों गंगा नदी की तरफ हैं। पानी पूरे आफिस में भर जाता है।” इस पर विजय सिन्हा ने कहा, ”कौन हैं यहां के एडीएम, डीसीएलआर? कम्प्यूटर से करना है तो कहीं से भी, घर से बैठकर भी कर सकता है।” उन्होंने डीसीएलआर से कहा, ”क्यों हैं इतने पीछे, क्यों गायब हो जाते हैं, बाढ़ से प्रभावित हो गए? लैपटॉप पानी पर चलेगा, कि लैपटॉप घर पर भी चल सकता है। ऑनलाइन सिस्टम, कहीं से भी बैठकर कर सकते हैं।” डीएसएलआर ने जवाब दिया, ”हम लोगों ने समीक्षा की है। कई बार इन लोगों को चेतावनी दी है। इनकी थोड़ी सी लापरवाही है।” इसके बाद सिन्हा ने कहा, ”स्पष्टीकरण लेकर, यदि काम के योग्य नहीं हैं तो इस पर विचार कीजिए।

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जो लोग असफल हैं अपने काम में, उनको काम पर लगाने का औचित्य क्या है।” इस कार्यशाला में विजय सिन्हा ने बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में हो रही देरी और अंचल अधिकारियों (सीओ) की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। सरकार दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और परिमार्जन जैसी सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाना चाहती है। सिन्हा ने 31 दिसंबर तक की समय सीमा तय करते हुए स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों,कर्मचारियों को पद से हाथ धोना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कामकाज सुधारने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है, इसके बाद किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी जिम्मेदारी से बचने के लिए मेडिकल लीव का सहारा ले रहे हैं, उन पर विभाग की कड़ी नजर है। भ्रष्टाचार और काम में देरी को रोकने के लिए राज्य के सभी 537 अंचल और 101 डीसीएलआर कार्यालयों में शिकायत पेटियां लगाई जाएंगी। इस व्यवस्था से आम लोग अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

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