पटना: बुधवार को जयनगर-मनिहारी (15284) जानकी एक्सप्रेस ट्रेन में कुछ ऐसा हुआ, जिसे इंसानियत पर धब्बा लगना कहें तो गलत नहीं होगा। रिजर्व स्लीपर बोगी में सफर कर रही एक महिला के लिए ये यात्रा एक बुरे सपने से कम नहीं थी। उसे भाग कर ट्रेन के टॉयलेट में शरण लेनी पड़ी। ये सबकुछ तब हुआ जब महिला अपनी बोगी में अपने रिजर्व बर्थ पर आराम कर रही थी। इसी दौरान जयनगर मनिहारी एक्सप्रेस कटिहार जंक्शन पर रुकी।
तभी करीब 30 से 40 मर्द उस बोगी में चढ़ गए। आरोप है कि उनके पास स्लीपर बोगी के टिकट भी नहीं थे। ये सभी लोग जबरन स्लीपर बोगी में आ घुसे। कटिहार जंक्शन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन के अंतर्गत आता है। कटिहार आरपीएफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि महिला ने पहले से ही कराए गए रिजर्वेशन बुकिंग के साथ ट्रेन में सफर किया था और अपनी आरक्षित बर्थ पर बैठी थी, तभी भीड़ अवैध रूप से डिब्बे में घुस गई। असुरक्षित महसूस करते हुए, उसने अपनी सीट छोड़ दी और किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए उसने खुद को ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर दिया। इसके बाद घबराई हुई महिला ने रेलवे हेल्पलाइन पर आपातकालीन संदेश भेजा।
सूचना कटिहार जंक्शन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी गई और एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरपीएफ कर्मियों ने कोच से अनाधिकृत यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला और महिला को सुरक्षित रूप से उसके बर्थ तक पहुंचाया। पुलिस ने खुद माना कि ‘एक अकेली महिला की यात्रा इतनी गंभीर हो जाए, इसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। उसे सुरक्षित बचा लिया गया और कोच से अनाधिकृत यात्रियों को उतार दिया गया।’ इंस्पेक्टर ने साथ ही बताया कि आरपीएफ ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्लेटफार्मों और ट्रेनों पर निगरानी बढ़ा दी है।







