मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर शहर में वायु प्रदूषण का स्तर इस वर्ष अपने चरम पर पहुंच गया है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार दर्ज किया गया, जो ‘अति गंभीर’ श्रेणी से भी ऊपर माना जाता है। इस अत्यधिक प्रदूषण के कारण लोगों में सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ने का खतरा तेजी से बढ़ गया है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) के विभिन्न लोकेशन पर लगे प्रदूषण मॉनिटरिंग स्क्रीन के अनुसार शहर के कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
ओवरऑल शहर का AQI: 520
MIT क्षेत्र: 529
समाहरणालय: 540
अतरदाह: 539
बुद्धा कॉलोनी: 549
ये सभी क्षेत्र भीड़भाड़ और रिहायशी इलाकों में आते हैं, जहां प्रदूषण की मार सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। प्रदूषण का स्तर खासकर देर रात और सुबह के समय अत्यधिक दर्ज किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में कार्बन, धूल कण और अन्य हानिकारक तत्वों की मात्रा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शहर में चल रहे निर्माण कार्य, बढ़ते मोटर वाहन, धूल-मिट्टी और दिन-रात के तापमान में अंतर भी प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों से जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट पर हैं। नगर निगम ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पानी का छिड़काव (स्प्रिंकलिंग) किया जाएगा, ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा प्रदूषण कम करने के लिए अन्य आवश्यक कार्रवाइयां भी की जा रही हैं। शहर में प्रदूषण का यह स्तर अब तक का सबसे गंभीर रिकॉर्ड माना जा रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है।







