पटना: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से पुलिस की ज्यादती की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। ताजा मामला पटना के जेपी सेतु चेकपोस्ट का है, जहां रविवार शाम करीब 7 बजे ट्रैफिक जमादार उपेंद्र साह और अन्य सिपाहियों ने एक डॉक्टर बीएन चतुर्वेदी और उनके ड्राइवर राजकुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट में ड्राइवर राजकुमार की नाक फट गई और वह बुरी तरह घायल हो गए। डॉक्टर चतुर्वेदी एनएमसीएच में कार्यरत हैं और वह छपरा से अपनी कार से पटना लौट रहे थे। आरोप है कि चेकपोस्ट के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मी गलत दिशा से ट्रकों को निकालने के लिए वाहनों को रोककर रास्ता बना रहे थे।
इसी दौरान, उन्होंने डॉक्टर की कार हटाने के लिए कहा, लेकिन जगह न होने के कारण ड्राइवर गाड़ी को पीछे नहीं कर सका। इसी बात पर जमादार ने कार का शीशा खुलवाकर ड्राइवर को मारना शुरू कर दिया। डॉक्टर ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उनका कॉलर पकड़ा और आधे घंटे तक सड़क पर खींचतान और गाली-गलौज की। डॉक्टर ने मारपीट के दौरान कार में रखे डेढ़ लाख रुपये की चोरी का भी आरोप लगाया है। घटना को लेकर पीड़ित चालक ने दीघा थाने में आवेदन दिया है। दीघा थानेदार ने मामले की जांच की जा रही है की बात कही है। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि जेपी सेतु पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक कर्मी अवैध वसूली कर ट्रकों को पार कराते हैं, जिसके कारण अक्सर जाम लगता है। यह कोई अकेला मामला नहीं है।
इससे पहले, पिछले महीने नवंबर में बिहार में गंगा नदी पर बने पटना-राघोपुर सिक्स लेन पुल पर एक बाइक व्लॉगर के साथ ट्रैफिक पुलिस की मारपीट का मामला भी सुर्खियों में रहा था। व्लॉगर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस टीम हेलमेट चेकिंग के नाम पर यूट्यूबर को बेरहमी से पीटती है और गंदी गालियां देती है। पुलिसकर्मी यूट्यूबर का कैमरा भी छीनने की कोशिश करते हैं। यूट्यूबर बार-बार कहता है कि वह व्लॉगर है और कैमरा महंगा है, लेकिन पुलिस वाले नहीं मानते और गाली देते हुए उसे पीटने लगते हैं।







